Home Ayurvedic Nuskhe पेट दर्द से आराम पाने का दादी माँ का घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खा

पेट दर्द से आराम पाने का दादी माँ का घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खा

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पेट दर्द से आराम पाने का दादी माँ का घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खा

पेट के दर्द क्यो होता है?

पेट के दर्द की उत्पत्ति अधिक गरिष्ट व गैस कारक खाद्य-पदाथों के सेवन से होती है । जब कोई खाद्य पदार्थ देर तक नहीं पचता और गैस की उत्पत्ति कस्ता है तो पेट में दर्द होने लगता है । छोटे बच्चे हर समय कुछ-न-कुछ खाते-पीते रहते हैं । एक बार भोजन करने के बाद स्वादिष्ट, चटपटे खाद्य पदार्थ देखकर झट-से खाने को तैयार हो जाते हैं । भोजन की पाचन क्रिया से पहले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट के दर्द होने लगता है । कुछ बच्चे खेलने, स्कूल जाने के चबकर में इतनी जल्दी भोजन खाते हैं कि भोजन उदर मे देर तक पच नहीं पाता और फिर उदर मे शूल की उत्पत्ति होने लगती हे ।

भोजन करने के बाद उछलकूद करने, दौड़ने और सीढियां चढ़ने उतरने से भी पेट के दर्द होने लगता है । कुछ बच्चों और वयस्को में सुबह देर से उठने की बुरी आदत होती है । ऐसे स्त्री-पुरुष और बच्चे समय पर सौच नहीं जाते ।

समय पर शौच नहीं जाने से शौच नहीं आती । कई कई दिन शोच नहीं जाने से कब्ज हो जाती है । कब्ज के कारण अगो में मल एकत्र होने से पेट में दर्द होने लगता है ।
पेट में दर्द की उत्पत्ति दूसरे रोग-विकारों के कारण भी हो सकती है । यकृत (जिगर) की खराबी, आमाशय के किसी रोग, आंत्रशोथ, अतिसार, प्रवाहिका (पेचिश), आंव-मरोड के कारण भी तीव्र पेट में दर्द होता है । वृवक शोथ अर्थात गुर्दों में सूजन होने पर मल का निष्कासन पूरी तरह नही होने पर पेट के दर्द होने लगता है । अजीर्ण रोग मे भी तीव्र पेट के दर्द होता है । गैस विकार (गैस) में इतना तीव्र पेट के दर्द होता कि रोगी पीड़ा से तड़प उठता है ।

पेट के दर्द क्यो होता है

पाचन तंत्र

पेट दर्द से आराम पाने का दादी माँ का घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खा

  • कब्ज के कारण पेट में दर्द होने पर कब्ज को नष्ट करने के लिए हरड़ का चूर्ण 3 ग्राम मात्रा में हल्ले गर्म जल से सेवन करे, इससे कब्ज व पेट में दर्द भी नष्ट होता ।
  • सोंठ को पीसकर चूर्ण बनाकर रखें । सोठ का चूर्ण 3 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर हल्ले गुनगुना पानी से सेवन कराने पर पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • हींग को गुनगुना पानी में घोलकर नाभि के आस…पास गाढा लेप करने से पेट के दर्द से मुक्ति मिलती है ।
    काला नमक, सोंठ और भुनी हुई हींग का चूर्ण बनाकर 3 ग्राम चूर्ण गुनगुना पानी से सेवन करने पर अफारे(पेट फूलना) के कारण उत्पन्न पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • सेधा नमक, काला नमक, बिड लवण (नौसादर), चव्य, चित्रक, सुण्थी, पिप्पली मूल और हींग सभी बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाएं । इसमे से 3 ग्राम चूर्ण गुनगुना पानी के साथ सेवन करने से कफ विकृति से उत्पन्न शूल नष्ट होता है ।
  • एरंड का तेल 10 ग्राम दूध में मिलाकर पीने से कब्ज होने पर पेट के दर्द नष्ट होता है ।
    त्रिफला के 3 ग्राम चूर्ण में 3 ग्राम मिश्री मिलाकर हल्ले गुनगुना पानी के साथ सेवन करने से अनेक प्रकार के पेट के दर्द नष्ट होते हैं ।
  • आधे नीबू के रस मे थोड़ा-सा सेधा नमक मिलाकर 100 ग्राम जल में डालकर पीने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।
    अजवायन और काला नमक बराबर मात्रा मे पीसकर 3 ग्राम मात्रा मे गुनगुना पानी के साथ सेवन करने पर पेट के दर्द का निवारण होता है ।
  • पोदीने के सात पत्ते और छोटी इलायची का एक दाना पान के पत्ते में रखकर खाने से पेट के दर्द में बहुत लाभ होता है ।

पेट दर्द से आराम पाने का दादी माँ के नुस्खे –

  • 10 ग्राम जामुन का सिरका 50 ग्राम जल में मिलाकर पिलाने से पेट के दर्द नष्ट ता ।
    लहसुन का रस 3 ग्राम में थोड़ा-सा सेधा नमक मिलाकर खिलाने और ऊपर से गर्म जल पिलाने पर पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • अननास के 10 ग्राम रस मेँ अदरक का रस 2 रत्ती, मुनी होंग 1 रत्ती औंर सेधा नमक 2 रत्ती मिलाकर सेवन करने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • अजमोद के चूर्ण मेँ काला नमक बराबर मात्रा मे मिलाकर 3 ग्राम चूर्ण गुनगुना पानी से सेवन करने पर अफारा (पेट फूलना) नष्ट होने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • तुलसी के पत्तों का रस और अदरक का रस 5-5 ग्राम मिलाकर थोड़े से गुनगुने जल में मिलाकर पीने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • 2 ग्राम जीरा पीसकर थोड़ा-सा मधु मिलाकर चाटकर सेवन करें । ऊपर से थ्रोड़ा-सा गुनगुना पानी पीने से पेट के दर्द से मुक्ति मिलती हे ।
  • गैस विकार(गैस) से पेट के दर्द होने पर 5 ग्राम हल्दी, इतना ही सेधा नमक मिलाकर हल्ले गुनगुना पानी से सेवन करने पर बहुत लाभ होता है ।
  • 20 ग्राम मूली के रस में थोड़ा-सा सेधा नमक और 4 काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पेट के दर्द नष्ट होता है।
  • जामुन में सेधा नमक लगाकर खाने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।

पेट दर्द से आराम पाने का घरेलु उपाय –

  • पपीते को काटकर काली मिर्च और नीबू का रस डालकर, सेधा नमक के साथ खाने से कब्ज नष्ट होने से पेट के दर्द नहीं होता है ।
  • संतरे के 20 ग्राम रस में थोडी-सी भुनी हींग और काला नमक मिलाकर पीने से पेट के दर्द नष्ट हो जाता है।
  • अनार के 30 ग्राम रस में थोडी-सी भुनी हींग और काला नमक मिलाकर पीने से पेट के दर्द नष्ट हो जाता है।
  • 50 ग्राम इंद्रयव को 500 ग्राम जल मे उबालकर क्याथ (काढा) बनाकर 100 गाम क्याथ थोडी सी भुनी हींग मिलाकर पीने से पेट के दर्द नष्ट होता हे ।
  • कुलंजन, सेधा नमक, धनिया, जीरा और किशमिश को बराबर की मात्रा में तेकर नीबू के रस के साथ पीसकर सेवन करें ।
  • गुलाब के तीन फुल, मुलहठी, अजीर, मुनक्का और सौंफ 5-5 ग्राम लेकर 500 ग्राम जल में क्याथ बनाकर 100 ग्राम क्याथ पीने से कब्ज नष्ट होने पर पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • कुलंजन, अजवाइन और काला नमक प्रत्येक 10-10 ग्राम कूट…पीसकर चूर्ण बनाकर रखे । इसमें से 3 ग्राम चूर्ण हल्ले गुनगुना पानी से ले ।
  • 3 ग्राम केसर को 3 ग्राम दालचीनी के साथ पीसकर गुनगुना पानी से सेवन करने पर पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • अमरूद के कोमल 50 ग्राम पत्तो को पीसकर जल मे अच्छी तरह मिलाकर छान ले । इस जल को पीने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।

पेट दर्द से आराम पाने का आयुर्वेदिक नुस्खे-

  • कब्ज के कारण पेट के दर्द होने पर 250 ग्राम तक (मटूठा) मे भुना जीरा 5 ग्राम और काला नमक 5 ग्राम मिलाकर पीने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • अमरूद के फल की फुगनी थोड़े से सेंथा नमक के साथ मिलाकर खाने और गुनगुना पानी पीने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।
  • अमलतास का गूदा 25 ग्राम में थोड़ा-सा नमक मिलाकर गोमूत्र के साथ पीसकर उदर लेप करने से पेट के दर्द शीघ्र नष्ट होता है ।
  • अदरक का रस 5 ग्राम, नीबू का रस 5 ग्राम, काली मिर्च का चूर्ण 1 ग्राम मिलाकर पीने से पेट के दर्द नष्ट होता है ।

पेट दर्द पर दादी माँ की जड़ी बूटियों वाली कहानी

उस रात सब गहरी नीद में सो रहे थे । दादी मां भी अपने शयन-कक्ष मे सो रही थी तभी बडी बहू के कमरे से उसके बेटे चंकी के रोने की आवाजें सुनाई देने लगी । चंकी के पेट मेँ दर्द हो रहा था । रात के दो बज रहे थे । ऐस में किसी डॉक्टर के पास जाना भी संभव नही था । चंकी की मम्मी ने उसे पेट के दर्द की एक गोली पानी के साथ खिलाई लेकिन 15-20 मिनट बाद तक भी चंकी के पेट के दर्द मे कोई फर्क नहीं पड़ा ।

चंकी की मम्मी उसे लेकर दादी मां के शयनकक्ष में गई । दादी मां को जगाया ।
“क्या बात है बहू? चंकी क्यों रो रहा है? ‘ दादी मां ने पूछा ।
मांजी! चंकी के पेट मे दर्द हो रहा है । मैंने उसे पेट-दर्द की एक गोली भी खिलाई है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ । अब आप ही इसे कोई दवा दीजिए । नहीं तो यह न स्वय सो सकेगा और न ही किसी को सोने देगा ।’ चंकी की मम्मी ने कहा ।

तभी दादी माँ ने अपनी जडी…बूटियो की तिजोरी खोलकर दो…तीन जडी…वूटीं निकालकर, छोटी…सी खरल में पीसकर, चूर्ण बनाकर हल्के गर्म घानी के साथ खिलाया । 7-8 मिनट बाद चंकी के पेट का दर्द छूमंतर हो गया । उस रात चंकी आराम से सो गया ।

हमारा आपसे निवेदन:

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