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पेट में अफारा की आयुर्वेदिक दवा

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पेट में अफारा की आयुर्वेदिक दवा

पेट में अफारा की आयुर्वेदिक दवा

पेट फूलने से आफरा की बीमारी होती है। पेट में आफरा की दवा जानने से पहले हम ये जान लेते हैं की आफरा की समस्या होती क्यों है? आफरा पेट फूलने की बीमारी होती है।

आफरा की समस्या क्यों होती है?

‘यानी पेट में वायु एकत्र होने से पेट फूलने की समस्या कब्ज के कारण होती है। कब्ज के कारण जब आंत्रों में मल एकत्र होता है तो मल के सड़ने से दूषित वायु की उत्पत्ति होती है। दूषित वायु (गैस) को जब कहीं से निकलने का रास्ता नहीं मिलता तो उस दूषित वायु से पेट फूलने लगता है। अग्निमांद्य, दस्त, आफरा रोग होने पर भी आफरा की समस्या होती है। चिकित्सकों के अनुसार अधिक मात्रा में भोजन करने, बाजार में अधिक तेल-मिर्च, गर्म मसालों का सेवन करने से पाचन क्रिया की समस्या के साथ आफरा की उत्पत्ति होती है।

आफरा में वायु एकत्र होने से पेट में शूल तो होता ही है, साथ ही रोगी का जी मिचलाने लगता है। ऐसे में रोगी को श्वास लेने में कष्ट होता है। रोगी को बहुत घबराहट होती है।छाती में तीव्र जलन होती है। दूषित वायु जब ऊपर की ओर चढ़ती है तो सिर में दर्द होने लगता है। रोगी को चक्कर आते हैं। जब तक रोगी को डकार नहीं आती या मलद्वार से वायु निष्कासित नहीं होती, रोगी की बेचैनी और पेट में दर्द होता रहता है।

बंद गोभी, कचालू, अरबी, भिंडी और शीतल वायु कारक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में वायु बनने से अफारे की समस्या अधिक होती है।

पेट में आफरा का इलाज करने के लिए दादी माँ के घरेलु नुस्खे-

  • कब्ज की समस्या के कारण अधिक आफरा की उत्पत्ति होती है। ऐसी स्थिति में सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम और एरंड का तेल 8 ग्राम मात्रा में सेवन कराने और दूध पिलाने से कब्ज नष्ट होने से आफरा का निवारण होता है।
  • पोदीने के 5 ग्राम रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर सेवन कराने से आफरा की समस्या नष्ट होती है।
  • कुलंजन का चूर्ण 2 ग्राम, गुड़ (10 ग्राम) के साथ खाकर पानी पीने से आफरा वायु (गैस) निष्कासित होने से शांत होता है।

पेट में आफरा का इलाज करने के लिए दादी माँ के घरेलु नुस्खे

  •  अदरक 3 ग्राम, थोड़ा-सा पीसकर 10 ग्राम गुड़ के साथ सेवन करने से आफरा नष्ट होता है।
  •  25 ग्राम सौंफ को 500 ग्राम पानी में उबालकर क्वाथ बनाएं। 100 ग्राम शेष रह जाने पर सेंधा नमक व काला नमक 2-2 ग्राम मिलाकर, क्वाथ को छानकर पीने से आफरा की समस्या नष्ट होती है।
  •  जायफल का चूर्ण, सोंठ का चूर्ण और जीरे का चूर्ण मिलाकर रखें। 3 ग्राम चूर्ण भोजन से पहले पानी के साथ सेवन करने से आफरा की उत्पत्ति नहीं होती है।

आफरा के इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे-

  •  बैंगन की सब्जी में ताजे लहसुन और हींग का छौंक लगाकर खाने से आफरा की समस्या नहीं होती है।
  •  पिप्पली का चूर्ण 3 ग्राम, सेंधा नमक 1 ग्राम मिलाकर 150 ग्राम तक्र (मट्टे) के साथ पीने से पेट की वायु निष्कासित होने से आफरा नष्ट होता है।
  •  छोटी इलायची का चूर्ण 2 ग्राम, भुनी हींग आधा ग्राम नीबू का रस 5 ग्राम के साथ मिलाकर खिलाने से वायु का निष्कासन होता है।
  •  अंगूर का रस 50 ग्राम में 5 ग्राम मिश्री और 2 ग्राम यवक्षार मिलाकर सेवन करने से आफरा नष्ट होता है।
  •  पोदीने का रस 50 ग्राम, नीबू का रस 10 ग्राम और 100 ग्राम पानी मिलाकर पीने से वाय का निष्कासन होने से आफरा नष्ट होता है।
  •  3 लौंग 200 ग्राम पानी में उबालकर, छानकर पानी पीने से आफरा नष्ट होता है।

पेट में आफरा के इलाज का घरेलू उपाय

  •  हींग को पानी में घोलकर नाभि के आस-पास लेप करने और गर्म पानी की थैली या बोतल रखने से वायु का निष्कासन होने से आफरा नष्ट होता है।
  •  200 ग्राम तक्र (मट्ठे) में 2 ग्राम अजवायन का चूर्ण और 1 ग्राम काला नमक पिसा हुआ मिलाकर पीने से आफरा नष्ट होता है।
  •  नीबू के रस को 10 ग्राम मात्रा में 200 ग्राम पानी में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर धीरे-धीरे पीने से पेट वायु का निष्कासन होता है।

पेट में आफरा के इलाज का घरेलू उपाय

कब्ज की चिकित्सा में विलंब और खाने-पीने में लापरवाही होने से पेट में दूषित वायु एकत्र होने से आफरा की उत्पत्ति होती है। आफरा में पेट में वायु एकत्र होने से पेट फूलने लगता है। रोगी पेट शूल से बेचैन हो उठता है। आफरा छोटे-बड़े किसी व्यक्ति को भी हो सकता है।

आफरा में पेट दर्द पर दादी माँ की छोटी से बातचीत- 

उस दिन दोपहर को दादी मां के पास-पड़ोस के फ्लैट में रहने वाली किशोर लड़की अंजलि आई। उसने पीडायुक्त स्वर में दादी मां से कहा—‘दादी मां! सुबह से पेट में दर्द हो रहा है। पेट फुल रहा है। ऐसा लगता है कि पेट में गैस भर रही है।

दादी मां ने अंजलि के पेट को दबाकर देखा । पेट में गड़गड़ की ध्वनि हो रही थी।
दादी मां ने कहा—’तुम्हारे पेट में आफरा हो रहा है। मैं अभी तुम्हें जड़ी-बूटियों का चूर्ण बनाकर देती हूं। इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी से सेवन करने से 15-20 मिनट में आफरा नष्ट हो जाएगा।
‘ दादी मां ने अंजलि को चूर्ण बनाकर दिया। उसे खाने के बाद अंजलि का आफरा नष्ट हो गया।
25-30 मिनट के बाद अंजलि ने हंसते हुए दादी मां को आफरा नष्ट हो जाने के बारे में बताया।
अंजलि ने दादी मां से पूछा-‘दादी मां! आप मुझे यह बताएं कि आफरा क्यों होता है? मैं भविष्य में इन बातों का ध्यान रखेंगी।’

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